Home Blog वर्ल्ड टाइगर डे पर रांची के बिरसा जू में सेलिब्रेटी बनी ‘अनुष्का फैमिली’, सैलानियों की उमड़ी भीड़

वर्ल्ड टाइगर डे पर रांची के बिरसा जू में सेलिब्रेटी बनी ‘अनुष्का फैमिली’, सैलानियों की उमड़ी भीड़

0
वर्ल्ड टाइगर डे पर रांची के बिरसा जू में सेलिब्रेटी बनी ‘अनुष्का फैमिली’, सैलानियों की उमड़ी भीड़

[ad_1]

रांची. वर्ल्ड टाइगर डे पर रांची के ओरमांझी स्थित बिरसा जू की रौनक देखते ही बन रही है. वर्ल्ड टाइगर डे पर रांची के बिरसा जू में बाघों को देखने के लिए सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी. चिड़ियाघर में मौजूद 9 बाघों को देखने के लिए बिहार, उड़ीसा और बंगाल से भी सैलानी बिरसा जू पहुंच रहे हैं. दरअसल, बिरसा जू महज एक चिड़ियाघर नहीं बल्कि बाघों का प्रजनन केंद्र भी है, जिस वजह से बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

बिरसा जू में कुल 9 बाघ हैं. जिसमें 7 मादा और दो नर हैं. इसमें एक सफेद नर बाघ जावा है जबकि दूसरा नर बाघ मल्लिक है. जावा को विलासपुर से जबकि मल्लिक को हैदराबाद जू से लाया गया था. इन सबके बावजूद बिरसा जू में सबसे ज्यादा सेलिब्रिटी की भूमिका में मादा बाघिन अनुष्का और उसके 5 बच्चे नजर आते हैं.

13 साल की बाघिन अनुष्का के पांचों मादा बच्चों के नाम पांच नदियों पर रखे गए हैं, जिनका नामाकरण कृष्णा, कावेरी, लक्ष्मी, सरस्वती और ताप्ती के नाम पर किया गया है. हालांकि, पांचों बच्चे अब वयस्क हो चुके हैं और अब इन वयस्क मादा बाघिनों की भी कुछ सालों बाद ब्रीडिंग की तैयारी शुरू कर दी जाएगी.

वर्ल्ड टाइगर डे पर कई सैलानी बाघों के बारे में जानने के मकसद से बिरसा जू पहुंचे. बिरसा जू में 13 साल की अनुष्का के अलावा एक 9 साल की वयस्क गौरी बाघिन भी है. जिसकी ब्रीडिंग की तैयारी चल रही है. अनुष्का और गौरी को हैदराबाद जू से लाया गया था. जिसके बाद अनुष्का की ब्रीडिंग रांची के बिरसा जू में ही करायी गयी. आज मादा वयस्क बच्चों के साथ अनुष्का की अपनी एक पूरी फैमिली है.

चिड़ियाघर में बाघों की औसत आयु 20 साल होती है जबकि जंगल में बाघों की औसत आयु 18 साल होती है. दरअसल, जंगल में बाघों को अपने भोजन के लिए खुद शिकार करना पड़ता है. कई बार उन्हें अपना भोजन नहीं मिल पाता। जबकि चिड़ियाघर में दूसरी तरफ बाघों को प्रॉपर डाइट दिया जाता है.

दो बाघों के बीच के फर्क को उनके स्ट्राइप से किया जाता है. यहां तक कि बढ़ती उम्र के साथ बाघों के शरीर की स्ट्राइप पर भी अंतर आना शुरू हो जाता है. वहीं, बाघों के उम्र उनकी नाक के गुलाबीपन और स्ट्राइप से किया जाता है. शावक और वयस्क बाघ के नाक का गुलाबीपन ज्यादा होता है, जबकि उम्र बढ़ने के साथ यह काली पड़ने लगती है.

Tags: Jharkhand news, Ranchi news, Social Viral, Tiger, Viral news

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here