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राजस्थान रोडवेज: बसों की खरीद प्रक्रिया में फिर हुआ बड़ा बदलाव, अब 450 इलेक्ट्रिक बसें होंगी शामिल

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राजस्थान रोडवेज: बसों की खरीद प्रक्रिया में फिर हुआ बड़ा बदलाव, अब 450 इलेक्ट्रिक बसें होंगी शामिल

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हाइलाइट्स

राजस्थान रोडवेज अपडेट
राजस्थान रोडवेज में खरीदी जानी है 1000 बसें
बार-बार बदलाव से लगातार लंबी होती जा रही है प्रक्रिया

जयपुर. राजस्थान रोडवेज ने अब बसों की खरीद और अनुबंध प्रक्रिया में आमूलचूल बदलाव किया है. इस बदलाव के तहत जो नई बसें रोडवेज के बेड़े शामिल की जाएंगी उनमें 450 बसें इलेक्ट्रिक बसें होगी. इस नए बदलाव के कारण अब नई बसों को शामिल करने की प्रक्रिया और लंबी हो चुकी है. नई सरकार के गठन से पहले अब नई बसों का शामिल होना भी मुश्किल नजर आ रहा है. इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अच्छी पहल इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को माना जा जा रहा है.

राजस्थान रोडवेज में पिछले कुछ दिनों से नई बसों की खरीद और अनुबंध की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है. दो कंपनियों के साथ टेंडर भी अंतिम पड़ाव में है. लगभग सभी शर्तों पर बात फाइनल होने की कगार पर पहुंच गई थी लेकिन अचानक अब बसों के मॉडल में बदलाव किया गया है. अब 590 बसों में 450 बसें इलेक्ट्रिक बसें होगी और बची बसों को 2 तरह की श्रेणी में बांट दिया गया है.

एक हजार नई बसों की खरीद की घोषणा की गई थी
सीएम की बजट घोषणा में एक हजार नई बसों की खरीद की घोषणा की गई थी. उसमें 450 इलेक्ट्रिक, 400 ब्लू लाइन बसें और 76 डीलक्स बसें शामिल होंगी. वर्तमान में राजस्थान रोडवेज के पास 2800 के करीब सभी तरह की श्रेणी की बसें हैं. इनमें से लगभग 1700 के करीब अपना टाइम पूरा कर चुकी है. यानि राजस्थान रोडेवज इस समय आधी बसों के सहारे ही चल रही है. नई बसों को शामिल भी कर लिया जाए तब भी पुरानी गिनती पूरी नहीं होगी.

इलेक्ट्रिक बसें एनसीआर क्षेत्र में संचालित होंगी
रोडवेज ने बीते 27 सितंबर को टेंडर निकाला था. इनमें 400 ब्लू लाइन बसें यानी एक्सप्रेस बसें शामिल होंगी। वहीं डीलक्स बसें 2 गुणा 2 सिटिंग अरेंजमेंट की होंगी. पहले वर्ष 2024-25 में 50 इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी. उसके बाद वर्ष 2025-26 में 150 इलेक्ट्रिकल बसें ली जाएंगी. फिर वर्ष 2026-27 में 250 इलेक्ट्रिक बसें ली जाएंगी. इलेक्ट्रिक बसें एनसीआर क्षेत्र में संचालित होंगी.

नई बसों के शामिल होने में लंबा वक्त लगने वाला है
कुल मिलाकर रोडवेज विभाग की ये तेजी नई सरकार के गठन से पहले किसी काम नहीं आ पाएगी. क्योंकि टेंडर होने से लेकर नई बसों के शामिल होने तक लंबा वक्त लगने वाला है. जब तक नई बसें शामिल होंगी तब तक पुरानी बसों के बेड़े में 400 के करीब और बसें अपना टाइम पूरा कर चुकी होंगी. तब मौजूदा वर्किंग बसों का आंकड़ा घटकर एक हजार के आस पास रह जाएगा.

Tags: Jaipur news, Rajasthan news, Rajasthan Roadways

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