Home Blog यह फिलिस्तीन में हमास के बाद दूसरा सबसे बड़ा संगठन, ईरान से फंडिंग मिलती है –

यह फिलिस्तीन में हमास के बाद दूसरा सबसे बड़ा संगठन, ईरान से फंडिंग मिलती है –

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यह फिलिस्तीन में हमास के बाद दूसरा सबसे बड़ा संगठन, ईरान से फंडिंग मिलती है –

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26 मिनट पहले

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फिलिस्तीन का इस्लामिक जिहाद संगठन 1981 में बना था।

गाजा के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर रॉकेट से हमला हुआ। 500 लोगों की मौत हो गई। इजराइली डिफेंस फोर्स ने कहा- ये हमला फिलिस्तीनी संगठन इस्लामिक जिहाद ने किया है।

इजराइल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि फिलिस्तीनी संगठन इस्लामिक जिहाद (PIJ) के लड़ाके ही हॉस्पिटल के पास हमला कर रहे थे, उन्हीं में से एक रॉकेट दिशा भटककर अस्पताल पर गिर गया। वहीं, हमास ने दावा किया कि हमला इजराइल ने किया।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भी फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के रॉकेट मिसफायर होकर गाजा में ही गिर चुके हैं। 2022 में PIJ का एक रॉकेट मिसफायर हुआ था। तब गाजा में रह रहे 16 लोगों की मौत हुई थी।

इजराइली सेना के मुताबिक PIJ की तरफ से दागे जाने वाले 18% रॉकेट मिसफायर ही होते हैं। 10 मई 2023 को PIJ के रॉकेट ने 4 फिलिस्तीनियों की जान ले ली थी। इनमें से 3 बच्चे थे।

हॉस्पिटल पर रॉकेट हमले की तस्वीरें…

रॉकेट हमले के बाद गाजा के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल में आग लग गई।

रॉकेट हमले के बाद गाजा के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल में आग लग गई।

गाजा के अल अहली हॉस्पिटल में लाशों का ढेर लग गया है।

गाजा के अल अहली हॉस्पिटल में लाशों का ढेर लग गया है।

हमले में मारे गए लोगों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। कई बच्चे घायल हुए हैं।

हमले में मारे गए लोगों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। कई बच्चे घायल हुए हैं।

घायल हुए लोगों को गाजा के सबसे बड़े अल-शिफा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

घायल हुए लोगों को गाजा के सबसे बड़े अल-शिफा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

1981 में बना फिलिस्तीन का इस्लामिक जिहाद संगठन
फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद संगठन फिलिस्तीन में हमास के बाद दूसरा सबसे बड़ा विद्रोही संगठन है। इसे 1981 में बनाया गया था। इसकी शुरुआत मिस्त्र में पढ़ने वाले फिलिस्तीनी लड़कों ने की थी। ये वेस्ट बैंक, गाजा और इजराइल के कब्जे वाले इलाकों में फिलिस्तीन का कब्जा चाहता है।

इजराइल इस संगठन को ईरान का साथी बताता है। जो इजराइल को तबाह कर देना चाहते हैं। इस्लामिक जिहाद संगठन फिलिस्तीन को आजादी दिलाने वाले दूसरे बड़े संगठनों की तुलना में छोटा है। इसे ईरान से फंडिंग मिलती है।

अमेरिका और इजराइल हमास और इस्लामिक जिहाद को आतंकी संगठन मानते हैं। मई 2023 में इजराइली सेना ने इस्लामिक जिहाद के टॉप मिसाइल कमांडर अली हसन गली उर्फ अबु मुहम्मद को मारा गिराया था।

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ईरान PIJ को हर साल 1.2 हजार करोड़ रुपए देता है
ईरान फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के आतंकियों को ट्रेनिंग के साथ-साथ पैसे भी मुहैया करता है। हालांकि, इस गुट के लिए हथियार लोकल लेवल पर ही तैयार किए जाते हैं।

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक,1988 में ईरान ने अपने सालाना बजट से PIJ को 2 मिलियन डॉलर, यानी 16 करोड़ रुपए दिए थे। तब से ईरान लगातार PIJ के लिए अपनी फंडिंग को बढ़ाता जा रहा है। 2013 के अंत में कट्टरपंथी समूह को ईरान से हर महीने लगभग 3 मिलियन डॉलर, यानी 24 करोड़ रुपए मिले।

सेंटर फॉर ईरानियन स्टडीज इन लंदन के निदेशक अली नूरीजादेह ने फरवरी 2014 की अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि ईरान PIJ को हर साल 100 से 150 मिलियन डॉलर, यानी 793 करोड़ रुपए से 1.2 हजार करोड़ रुपए की सहायता देता है।

जनवरी 2016 सऊदी अरब को लेकर हुए मतभेद के चलते ईरान ने PIJ की फंडिंग में 90% की कटौती कर दी। हालांकि, मई 2016 में ईरान ने PIJ को फिर से सहायता देनी शुरू कर दी। जून 2020 में कतर पर भी PIJ को फंडिंग करने के आरोप लगे थे।

इजराइल और हमास के बीच 2012 की जंग के दौरान PIJ ने इजराइली क्षेत्र में रॉकेट दागे और गाजा की सड़कों पर बैनर लटकाए, जिसमें लिखा था- थैंक यू ईरान।

इजराइल और हमास के बीच 2012 की जंग के दौरान PIJ ने इजराइली क्षेत्र में रॉकेट दागे और गाजा की सड़कों पर बैनर लटकाए, जिसमें लिखा था- थैंक यू ईरान।

इस्लामिक जिहाद का बेस गाजा, लेकिन बड़े नेता ईरान में रहते हैं
इस्लामिक जिहाद का बेस गाजा है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक, PIJ के बड़े सरगना सीरिया में रहते हैं और कुछ अन्य नेता लेबनान में रहते हैं। इन सभी के ईरानी सरकार से काफी करीबी संबंध हैं। इंटरनेशनल अरेबिक लैंग्वेज न्यूजपेपर अशरक अल अवसात ने 2012 में बताया था कि PIJ के टॉप कट्टरपंथी सीरिया से अब ईरान में शिफ्ट हो गए हैं।

PIJ ने 1990 के दशक की शुरुआत में सुसाइड बॉम्बर्स, यानी आत्मघाती हमलावरों को रिक्रूट करना शुरू किया। शुरुआत में इसमें महिलाओं को रिक्रूट नहीं किया जाता था, लेकिन 2003 में महिलाओं को भी सुसाइड बॉम्बर्स बनाया जाने लगा।

PIJ की पहली महिला सुसाइड बॉम्बर्स 19 वर्षीय छात्रा हिबा दाराघमेह थी। हिबा ने एक शॉपिंग मॉल पर हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गए थे। वहीं 29 वर्षीय वकील हनादी जरादत ने अक्टूबर 2003 में एक रेस्तरां में खुद को उड़ा लिया था, जिसमें 21 लोग मारे गए थे।

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