Home Blog फ‍िर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मामला, केंद्र व द‍िल्‍ली सरकार से मांगा 4 हफ्ते में जवाब

फ‍िर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मामला, केंद्र व द‍िल्‍ली सरकार से मांगा 4 हफ्ते में जवाब

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फ‍िर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मामला, केंद्र व द‍िल्‍ली सरकार से मांगा 4 हफ्ते में जवाब

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हाइलाइट्स

दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग
जवाब आने के बाद ही मामले की सुनवाई के लिए संविधान पीठ के गठन पर होगा न‍िर्णय
11 मई 2023 को 5 जजों की संविधान पीठ ने एकमत से सुनाया था द‍िल्‍ली सरकार के हक में फैसला

नई द‍िल्‍ली. द‍िल्‍ली सरकार (Delhi Government) के अध‍िकारों को लेकर मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चला गया है. केंद्र सरकार की ओर से अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग (Officers Transfer-Posting Matter) को लेकर कानून में किए गए बदलाव व संशोधन मामले के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. द‍िल्‍ली सरकार ने इस संशोधन कानून के ख‍िलाफ सुप्रीम कोर्ट में याच‍िका दाख‍िल कर इस पर जल्‍द सुनवाई की मांग की है.

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याच‍िका दाख‍िला कर अध‍िकार‍ियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग करने के मामले में क‍िए गए संशोधन कानून के ख‍िलाफ जल्द सुनवाई करने की गुहार लगाई है. इस याच‍िका पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने कहा कि चार हफ्ते के भीतर दोनों पक्ष जवाब दाखिल करें. उसके बाद तय करेंगे कि इस मामले की सुनवाई के लिए संविधान पीठ का गठन कब किया जाए. दिल्ली सरकार की तरफ से पेश वकील ने कहा कि इस मामले की सुनवाई जल्द की जाए जिससे दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग (Transfer-Posting Matter) के मामले में पारदर्शिता रहे.

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बताते चलें क‍ि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गत 19 मई को अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर अध्यादेश जारी किया गया था. अध्यादेश में उसने सुप्रीम कोर्ट के 11 मई के उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को मिला था. केंद्र सरकार (Central Government) ने अध्यादेश के जरिए दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार उपराज्यपाल को दे दिए थे. कई फेज की सुनवाई के बाद 11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की संविधान पीठ ने एकमत से फैसला सुनाया था.

कोर्ट ने अफसरों पर कंट्रोल का अधिकार दिल्ली सरकार को दे दिया था. साथ ही कहा कि उपराज्यपाल सरकार की सलाह पर ही काम करेंगे. चूंकि किसी अध्यादेश को 6 महीने में संसद के पटल पर रखना होता है. केंद्र सरकार ने इसी वजह से दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े अध्यादेश को संसद में पेश कर दोनों सदनों से पार‍ित कर अध‍िसू‍च‍ित क‍िया. लेक‍िन अब इसको एक बार फ‍िर द‍िल्‍ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

Tags: Arvind Kejriwal led Delhi government, Modi government, Officer transfer, Supreme Court

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