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टूल किट को लेकर पुलिस ने दोनों पर दर्ज किया था FIR, हाईकोर्ट ने रद्द करने दिया आदेश –

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टूल किट को लेकर पुलिस ने दोनों पर दर्ज किया था FIR, हाईकोर्ट ने रद्द करने दिया आदेश –

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बिलासपुर38 मिनट पहले

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हाईकोर्ट ने दोनों नेताओं पर रद्द एफआईआर को किया रद्द। - Dainik Bhaskar

हाईकोर्ट ने दोनों नेताओं पर रद्द एफआईआर को किया रद्द।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भाजपा नेता व पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और संबित पात्रा को बड़ी राहत दी है। डिवीजन बेंच ने टूल किट केस में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। 12 सितंबर को हाईकोर्ट ने अंतिम सुनवाई के बाद केस में फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिस पर बुधवार को आदेश जारी किया गया है।

पूर्व CM डॉ. रमन सिंह ने 18 मई 2021 को अपने ट्विटर अकाउंट से कांग्रेस का कथित लेटर पोस्ट करते हुए दावा किया था कि इसमें देश का माहौल खराब करने की तैयारी की प्लानिंग लिखी है। साथ ही लिखा गया कि विदेशी मीडिया में देश को बदनाम करने दुष्प्रचार और जलती लाशों की फोटो दिखाने का कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है। ऐसी ही पोस्ट संबित पात्रा ने भी की थी। इसके बाद युवा कांग्रेस के नेताओं ने रमन सिंह व संबित पात्रा पर FIR दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने दोनों भाजपा नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था।

भाजपा नेताओं के खिलाफ रायपुर पुलिस ने दर्ज किया था एफआईआर।

भाजपा नेताओं के खिलाफ रायपुर पुलिस ने दर्ज किया था एफआईआर।

याचिकाकर्ताओं ने कहा- कोई केस नहीं बनता
भाजपा नेता संबित पात्रा व पूर्व CM रमन सिंह की ओर से BJP के राज्यसभा सदस्य और अधिवक्ता महेश जेठमलानी, विवेक शर्मा, गैरी मुखोपाध्याय ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि यह अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है। इस पर कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है। जिस पर हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद ही दोनों नेताओं को अंतरिम राहत दे दी थी। साथ ही पुलिस की जांच व कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने भी माना था कि इस मामले में प्रथम दृष्टया अपराध नहीं बनता।

अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित, अब आया फैसला
हाईकोर्ट से पुलिस की विवेचना पर रोक लगाने के बाद से यह मामला चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच में लंबित था। बीते 12 सितंबर को हाईकोर्ट में मामले में अंतिम सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ताओं के साथ ही राज्य शासन की तरफ से बहस पूरी हो गई है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिस पर बुधवार को आदेश जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि मामले में आपराधिक प्रकरण नहीं बनता।

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