Home Blog जिसे आप घास-फूस समझकर देते हैं फेंक, वह है विटामिन और मिनिरल्स का सरताज, सेवन से कई बीमारियां हो जाएगी साफ

जिसे आप घास-फूस समझकर देते हैं फेंक, वह है विटामिन और मिनिरल्स का सरताज, सेवन से कई बीमारियां हो जाएगी साफ

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जिसे आप घास-फूस समझकर देते हैं फेंक, वह है विटामिन और मिनिरल्स का सरताज, सेवन से कई बीमारियां हो जाएगी साफ

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हाइलाइट्स

पर्सलेन में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी और बीटा कैरोटिन होता है जो फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं.
फ्री रेडिकल्स के कारण स्किन समय से पहले बूढ़ी नहीं होगी.

Nutritional Value of Kulfa Saag: इसे अधिकांश लोग समझते भी नहीं कि यह साग है. कुछ जगहों पर इसे कुल्फा तो कुछ जगहों पर इसे मलमला साग कहा जाता है. कुछ जगहों पर इसे नोनिया का साग भी कहा जाता है. हालांकि इसका इंग्लिश नाम पर्सलेन है. वैज्ञानिक दृष्टि से पर्सलेन खर-पतवार है जो कई जगहों पर फसलों के साथ उग आते हैं. लेकिन एनसीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में इसे सामान्य खरपतवार में असमान्य पोषक तत्वों की संज्ञा दी है. यानी जिसे आप खर पतवार समझकर फेंक देते हैं या इस पर ध्यान नहीं देते, वह पोषक तत्वों का सरताज है. पर्सेलन साग के एक नहीं कई फायदे हैं. पर्सलेन साग के नियमित सेवन से कई बीमारियां पास नहीं फटकेंगी.

क्यों है पोषक तत्वों का बाप

एनसीबीआई जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी, सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम, मैग्नीज, फॉस्फोरस, सेलेनियम और जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं. लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि पर्सलेन साग में ओमेगा 3 फैटी एसिड का खजाना छुपा होता है. इसके साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स के भरमार होते हैं जो कई बीमारियों से बचाते हैं.

इतने तरह के फायदे

1. बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर हार्ट डिजीज से रखता है दूर- रिपोर्ट के मुताबिक पर्सलेन साग में सबसे अधिक ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और इसके साथ ही ट्राइग्लिसराइड्स को भी कम करता है. इसके साथ ही यह गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. इतना ही नहीं यह खून के थिकनेस को भी कम करता है जिससे खून से संबंधित किसी तरह की बीमारी नहीं होती. यह ओवरऑल हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करता है.

2. गठिया के दर्द में रामबाण-पर्सलेन के साग में एंटीइंफ्लामेटरी गुण होता है जो सूजन संबंधी सभी तरह की समस्याओं को कम करने में माहिर है. यानी अगर किसी को गठिया है तो पर्सलेन का साग खाने से गठिया के दर्द से राहत मिल सकती है.

3. स्किन को करता है बेदाग-पर्सलेन में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी और बीटा कैरोटिन होता है जो कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स से भरे होते हैं. यह फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं. फ्री रेडिकल्स के कारण स्किन समय से पहले बूढ़ी नहीं होगी और यह स्किन को हमेशा जवां रखेगा. पर्सलेन के साग से कई ब्यूटी प्रोडक्ट बनाया जाता है. दूसरी और फ्री रेडिकल्स यदि कम हो तो कैंसर की बीमारी होने का खतरा भी कम रहता है.

4. अच्छी नींद लाता है-पर्सेलन का साग अच्छी नींद लाने के लिए बहुत कारगर है. क्योंकि इसमें मेलाटोनिन होता है. मेलाटोनिन वह हार्मोन है जो सुकून की नींद लाता है.

5. शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाता है-पर्सलेन के साग से पुरुष शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि ला सकता है. पर्सलेन में मैग्नीशियम और जिंक दोनों पर्याप्त मात्रा में होता है जो शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए जरूरी है.

6. हड्डियों की मजबूती-पर्सलेन के साग से हड्डियों को मजबूत किया जा सकता है क्योंकि इसमें हड्डियों को मजबूत करने के लिए कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम सभी होते हैं.

सावधानी भी

पर्सलेन के साग में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए पर्सलेन के साग का ज्यादा सेवन करने से शरीर में ऑक्सीलेट की प्रक्रिया तेज हो जाएगी. इसलिए जिसे किडनी से संबंधित परेशानियां हैं, उनके लिए इससे नुकसान हो सकता है. खासकर अगर किसी को किडनी स्टोन की समस्या है तो उसे पर्सलेन का साग नहीं खाना चाहिए.

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