Home Blog इन्वेस्टिगेशन में भी मदद की; कनाडा ने निज्जर को खतरे के बारे में बताया था –

इन्वेस्टिगेशन में भी मदद की; कनाडा ने निज्जर को खतरे के बारे में बताया था –

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इन्वेस्टिगेशन में भी मदद की; कनाडा ने निज्जर को खतरे के बारे में बताया था –

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11 मिनट पहले

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तस्वीर में अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो के साथ मौजूद हैं। (फाइल)

कनाडा में खालिस्तानी आतंकी निज्जर की मौत के बाद अमेरिका की स्पाई एजेंसियों ने उससे जुड़ी जानकारी साझा की थी। न्यूयॉर्क टाइम्स ने पश्चिमी अधिकारियों के हवाले से ये बताया है। हालांकि, कनाडा ने जिस खुफिया जानकारी के आधार पर भारत पर आरोप लगाया वो उन्होंने खुद इकट्ठा की थी।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, निज्जर की हत्या के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कनाडा को इंटेलिजेंस इकट्ठा करने में मदद की थी। इसी के आधार पर कनाडा को यह निष्कर्ष निकालने में मदद मिली कि भारत इसमें शामिल था। हालांकि, कनाडा ने खुद भारतीय डिप्लोमैट्स की निगरानी करके उनकी कन्युनिकेशन डीटेल्स को इंटरसेप्ट किया था, जिससे उन्हें हत्या में भारतीय एजेंट्स के शामिल होने की जानकारी मिली।

कनाडा के PM ट्रूडो ने 18 सितंबर को वहां की संसद में खालिस्तान समर्थक हरदीप निज्जर की हत्या पर बयान दिया था। इसमें उन्होंने भारत पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था।

कनाडा के PM ट्रूडो ने 18 सितंबर को वहां की संसद में खालिस्तान समर्थक हरदीप निज्जर की हत्या पर बयान दिया था। इसमें उन्होंने भारत पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था।

अमेरिका को निज्जर की मौत से पहले साजिश की जानकारी नहीं थी
अधिकारियों ने NYT को बताया कि अमेरिका को निज्जर की हत्या की साजिश या उसमें भारत के दखल के बारे में उसकी मौत से पहले तक कोई जानकारी नहीं थी। पहचान सार्वजनिक नहीं करने कि शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि कनाडा ने निज्जर को खतरे के बारे में आगाह किया था। हालांकि, तब भारत सरकार के शामिल होने से जुड़ी कोई बात नहीं कही गई थी।

अमेरिका और कनाडा के बीच फाइव आइज अलायंस का हिस्सा होने के नाते इंटेलिजेंस शेयरिंग होती है। लेकिन हत्या के बारे में जानकारी खासतौर पर खुफिया एजेंसियों ने अपने पैकेज में शेयर की थीं। इससे पहले शनिवार को कनाडाई मीडिया CTV न्यूज ने बताया था कि कनाडा में अमेरिका के एम्बेसडर डेविड कोहेन ने इस बात की पुष्टि की थी कि फाइव आइज देशों ने मिलकर निज्जर की हत्या पर इंटेलिजेंस जुटाया था।

कनाडा में अमेरिकी राजदूत ने भी इंटेलिजेंस शेयरिंग की पुष्टि की
कोहेन ने कहा था- फाइव आइज पार्टनर्स के बीच में निज्जर की हत्या में भारत सरकार के संभावित कनेक्शन को लेकर इंटेलिजेंस शेयर हुआ था। इसके जानकारी मिलने के बाद ही ट्रूडो ने अपनी संसद में भारत पर आरोप लगाए थे। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था- हमें उम्मीद है कि भारत निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा का सहयोग करेगा।

न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, ब्लिंकन ने कहा था कि अमेरिका के भारत के साथ मधुर संबंध हैं और कनाडा उनका करीबी सहयोगी है, इसलिए अमेरिका दोनों के साथ संपर्क में है।

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ट्रूडो बोले- भारत को कुछ हफ्तों पहले सबूत दिए
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को फिर से भारत पर खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या का आरोप लगाया था। ओटावा में मीडिया से बातचीत में ट्रूडो ने बताया था कि हमने कुछ हफ्ते पहले ही भारत सरकार से ऐसे सबूत साझा किए थे, जो हमारे आरोपों को पुख्ता करते हैं। हम चाहते हैं कि दिल्ली जांच में हमारा सहयोग करे।

भारत बोला- कनाडा के आरोप बेतुकेकनाडा की तरफ से लगाए गए सभी आरोपों को भारत लगातार खारिज करता आया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा के सभी आरोप बेतुके हैं। इसी तरह के आरोप कनाडाई प्रधानमंत्री ने हमारे PM मोदी के सामने भी रखे थे और उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था।

भारत ने कनाडा के आरोपों को बेतुका बताया
इस तरह के निराधार आरोप खालिस्तानी आतंकवादियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिश है। इन्हें कनाडा में पनाह दी गई है और ये भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा हैं। इधर, खबर यह भी आई कि विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार को PM मोदी से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें जयशंकर ने PM को पूरे मामले पर ब्रीफ किया है।

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